राजधानी देहरादून में एक बार फिर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपरा और गढ़वाली विरासत का रंग देखने को मिलेगा। अखिल गढ़वाल सभा की ओर से 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 10 दिवसीय ‘उत्तराखंड कौथिग-2026’ का आयोजन किया जाएगा। रविवार को हुई संस्था की आमसभा में आयोजन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। कौथिग का आयोजन रेंजर्स कॉलेज मैदान में प्रस्तावित है।
चौधरी बिहारी लाल मार्ग स्थित अखिल गढ़वाल सभा भवन में अध्यक्ष रोशन धस्माना की अध्यक्षता में आमसभा आयोजित हुई। अध्यक्ष ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष अखिल गढ़वाल सभा अपना हीरक जयंती वर्ष मना रही है। ऐसे में कौथिग को भव्य स्वरूप देने के लिए संस्था की ओर से विशेष तैयारियां की जाएंगी।
उन्होंने युवा सदस्यों से सभा के प्रस्तावित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। साथ ही देहरादून में रह रहे अधिक से अधिक गढ़वाली समाज के लोगों से अखिल गढ़वाल सभा की सदस्यता लेने की अपील की।
स्थापना दिवस भी होगा भव्य
आमसभा में महासचिव गजेंद्र भंडारी ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसका सदस्यों ने अनुमोदन किया। उन्होंने बताया कि हीरक जयंती वर्ष के दौरान अखिल गढ़वाल सभा का स्थापना दिवस भी भव्य रूप से मनाया जाएगा।
कोषाध्यक्ष वीरेंद्र असवाल ने संस्था का वार्षिक आय-व्यय विवरण आमसभा के समक्ष रखा। वहीं सांस्कृतिक सचिव उदय शंकर भट्ट ने 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक उत्तराखंड कौथिग-2026 आयोजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
लोकसंस्कृति और परंपराओं का दिखेगा रंग
10 दिवसीय कौथिग के जरिए उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं और सामाजिक विरासत को मंच देने की तैयारी है। आयोजन में गढ़वाल की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता देने के साथ समाज की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
आमसभा के अंत में सभा की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। बैठक में सह-सचिव संतोष गैरोला, प्रवक्ता अजय जोशी, महिला कल्याण सचिव संगीता ढौंडियाल, संगठन सचिव सूर्य प्रकाश भट्ट, प्रबंध सचिव बीरेंद्र असवाल समेत बड़ी संख्या में सभा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

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