मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गाजियाबाद में आयोजित विद्या भारती के 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 के समापन कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। साथ ही सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें अनुशासन, एकजुटता, सहयोग और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करती हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से खिलाड़ियों का एक मंच पर जुटना भारत की विविधता में एकता का परिचय देता है। हिमालयी सीमांत क्षेत्रों से लेकर कन्याकुमारी और पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिमी सीमाओं तक के खिलाड़ियों की सहभागिता इस आयोजन को लघु भारत का स्वरूप प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि खेल का मैदान भाषा, वेशभूषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं से ऊपर उठकर सभी को एक सूत्र में बांधता है। यहां खिलाड़ियों को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर भी मिलता है। जीत जहां आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, वहीं हार अपनी कमियों को पहचानकर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करती है।

सीएम धामी ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्ष 1952 में गोरखपुर में पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से शुरू हुई संस्था की यात्रा आज देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। सीमांत, ग्रामीण, जनजातीय और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए संस्था के प्रयास सराहनीय हैं। उत्तराखंड में भी इसके विद्यालय शिक्षा और संस्कारों के प्रसार में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षा के साथ शारीरिक विकास को भी समान महत्व दिया गया है। खेलों से विद्यार्थियों में साहस, धैर्य, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। खेलकूद की अनुशासित दिनचर्या बच्चों को समय प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाती है।
मुख्यमंत्री ने पेरिस पैरालंपिक-2024 के रजत पदक विजेता निषाद कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित अभ्यास और मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहल देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। इससे सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अपनी क्षमता दिखाने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश में खेल सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। दूरस्थ क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर विद्या भारती के महामंत्री देशराज शर्मा, अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री यतीन्द्र कुमार शर्मा, खेल विभाग के अखिल भारतीय संयोजक मुक्तेश बगेशा, महेश गुप्ता, डॉ. विजय पाल सहित संस्था के पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Source link






Source link

📄 Important PDF

Download PDF

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *